Friday, October 2, 2020

2. उत्तक भारती भवन पब्लिकेशन वर्ग 9

ऊतक (tissue) किसी जीव के शरीर में कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं जिनकी उत्पत्ति एक समान हो तथा वे एक विशेष कार्य करती हो। अधिकांशतः ऊतकों का आकार एवं आकृति एक समान होती है। परन्तु कभी-कभी कुछ उतकों के आकार एवं आकृति में असमानता पाई जाती है, किन्तु उनकी उत्पत्ति एवं कार्य समान ही होते हैं।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर :-


1. एक पादप उत्तक का नाम बताएँ | 


उत्तर :- जाइलम 


2. जड़ के शीर्ष पर कौन उत्तक पाया जाता है?


उत्तर :- शीर्षस्थ विभाज्योतक उत्तक 


3. सरल उत्तक के दो उदाहरण दें| 


उत्तर :- मृदुउतक तथा स्थुलाकोंण


4. किस उत्तक की कोशिकाएं सदा विभाजित होती रहती है?


उत्तर :- विभाज्योतकी उत्तक 


5. विभाज्योतकी उत्तक को किस आधार पर विभाजित किया जाता है ?


उत्तर :- (i) शीर्षस्थ (ii) पार्श्वस्थ (iii) अन्त्र्वेशी

6. किस सरल उत्तक में अंतरकोशिकीय स्थान होता है ?


उत्तर :- मृदुतक सरल उत्तक


7. दो उत्तकों के नाम बताएँ जो पौधों को यांत्रिक सहायता देता है


उत्तर :- स्थुलकोन तथा दृढ उत्त


8. वैसे मृदुतक को क्या कहते है जिसमे क्लोरोफिल पाया जाता है


उत्तर :- हरित उत्तक क्लोरिनकाइमा में


9. किस उत्तक की कोशिकाओं में भित्ति अनियमित ढंग से कोनों पर मोती होती 


उत्तर :- स्थूलकोण उत्तक की कोशिकाओं में


10. नारियल का रेशा किस उत्तक का बना होता है


उत्तर :- स्थूलकोण उत्तक का 

11. मृदुतक कोशिकाओं की दो विशेषताएं लिखें | 


उत्तर :- (i) पौधों को सहारा देता है, (ii) यह खाद्द का संचय करता है |


12. दो स्थायी पादप उत्तकों के नाम लिखे | 


उत्तर :- (i) सरल स्थायी उत्तक (ii) जटिल स्थायी उत्तक 


13. जाईलम का निर्माण किन तत्वों से होता है ?


उत्तर :- (i) वाहिनिकाएं या ट्रेकिड्स (ii) वाहिकाएं (iii) जाइलम तंतु (iv) जाइलम मृदुतक 


14. जाइलम का मुख्य कार्य क्या है ?


उत्तर :- (i) ये पौधे को यांत्रिक सहायता देती है एवं जल को ताने जड़ से पत्ती तक पहुंचाती है |(ii) ये मुख्यतः पौधों को यांत्रिक सहायता प्रदान करती है | (iii) यह भोजन संग्रह करता है एवं किनारे की ओर पानी के पार्श्वीय संवहन में मदद करता है |


15. फ्लोएम किन तत्वों से बनता है ?


उत्तर :- (i) चालानी नलिकाओं (ii) सहकोशिकाए (iii) फ्लोएम एवं बास्त तंतु (iv) फ्लोएम मृदुतक

16. किस उत्तक द्वारा पौधों में खाद्द पदार्थों का संवहन होता है |


उत्तर :- फ्लोएम उत्तक द्वारा संवहन होता है |


17. किन्ही दो प्रकार के एपिथिलियम उत्तक का नाम लिखे |


उत्तर :- (i) शल्की या श्ल्काय एपिथिलियम (ii) स्तंभाकार एपिथिलियम 


18. त्वचा की सतह पर किस प्रकार की एपिथिलियम उत्तक पायी जाती है ?


उत्तर :- शल्काय एपिथिलियम नामक उत्तक 


19. पक्ष्माभी एपिथिलियम की सिलिया में होनेवाली गति क्या कहलाती है ?


उत्तर :- पक्ष्माभी एपिथिलियम की सिलिया में होनेवाली गति सिलिया गति कहलाती है |


20. संयोजी उत्तक के दो उदाहरण दें |


उत्तर :- (i) एरियोलर उत्तक (ii) एडिपोज उत्तक


 

 


21. संयोजी उत्तक कितने प्रकार की होती है ? नाम लिखे |


उत्तर :- (i) वास्तविक संयोजी उत्तक (ii) कंकाल उत्तक (iii) तरल उत्तक या संवहन उत्तक |


22. एरियोलर उत्तक में पाए जानेवाले दो प्रकार की कोशिकाओं का नाम लिखे |


उत्तर :- (i) फैब्रोब्लास्ट (ii) हिस्तोसैट्स 


23. एडिपोज उत्तक में पाए जानेवाला संचित भोज्य पदार्थ क्या है ?


उत्तर :- वसा एडिपोज उत्तक में पाए जानेवाला संचित भोज्य पदार्थ है |


24. अस्थियों को मांसपेशियों से जोड़नेवाला उत्तक क्या कहलाता है ?


उत्तर :- अस्थियों को मांसपेशियों से जोड़ने वाला उत्तक टंडन कहलाता है |


25. अस्थि को अस्थि से जोड़नेवाला उत्तक क्या कहलाता है ?


उत्तर :- लिगामेंट अस्थि


 

 


26. दो मुख्य प्रकार के कंकाल उत्तक का नाम लिखे |


उत्तर :- (i) उपास्थि उत्तक (ii) अस्थि |


27. उपास्थि उत्तक के मैट्रिक्स में पाए जानेवाले कोशिकाए क्या कहलाता है ?


उत्तर:- कान्द्रियोब्लास्त 


28. दो प्रकार के तरल संयोजी उत्तक का नाम बताए |


उत्तर :- तरल संयोजी उत्तक रुधिर और प्लाज्मा 


29. रक्त के प्लाज्मा में पाए जानेवाले तीन प्रकार की रुधिर कणिकाएं कौन-कौन-सी है ?


उत्तर :- (i) लाल रुधिर कणिकाएं (ii) श्वेत रुधिर कणिकाएं (iii) प्लेटलेट्स 


30. शारीरिक अंगों में गति किस प्रकार के उत्तक के कारण होता है ?


उत्तर :- पेशी उत्तक के कारण

31. जंतुओं का मस्तिष्क किस प्रकार के उत्तक का बना होता है ?


उत्तर :- तंत्रिका उत्तक से 


32. तंत्रिका उत्तक की इकाई क्या कहलाती है ?


उत्तर :- न्यूरान या तंत्रिका कोशिका 


33. बहुकोशिकीय जीवों में कार्यों के दक्षतापूर्वक संचालन के लिए क्या व्यवस्था रहती है ?


उत्तर :- बहुकोशिकीय जोवों में कार्यों के दक्षतापूर्वक संचालन के लिए कोशिकाए के भिन्न-भिन्न समूह होते है | कोशिकाओं के इस समूह को उत्तक कहते है |


34. समान उत्पत्ति तथा समान कार्यों को संपादित करने वाली कोशिकाओं के समूह को क्या कहते है ?


उत्तर :- उत्तक 


35. ताने की चौड़ाई में वृद्धि किन उत्तकों के निर्माण से होती है ?


उत्तर :- पार्श्वस्थ विभाज्योत्तकी उत्तक

36. पत्तियों के आधार पर या टहनी के पर्व के दोनों ओर पाए जानेवाले उत्तक को क्या कहते है ?


उत्तर :- अन्तर्वेशी या अंतर्विष्ट 


37. स्थायी उत्तक का निर्माण किस उत्तक की वृद्धि के फलस्वरूप होता है ?


उत्तर :- अंतर्वेशी या अन्तविष्ट उत्तक 


38. सरल स्थायी उत्तक किस प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है ?


उत्तर :- समरूप कोशिकाओं का बना होता है |


39. जलीय पौधों में मुख्यतः किस प्रकार का उत्तक पाया जाता है |


उत्तर :- वायुत्तक या ऐरेनेकाइमा 


40. किस उत्तक की कोशिकाएं मृत, लम्बी, संकरी तथा दोनों सिरों पर नुकीली होती है ?


उत्तर :- दृढ उत्तक या स्कलेरेनकाइमा |



 


 

 अतिलघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर :-


1. एक पादप उत्तक का नाम बताएँ | 


उत्तर :- जाइलम 


2. जड़ के शीर्ष पर कौन उत्तक पाया जाता है?


उत्तर :- शीर्षस्थ विभाज्योतक उत्तक 


3. सरल उत्तक के दो उदाहरण दें| 


उत्तर :- मृदुतक तथा स्थुलाकोंन 


4. किस उत्तक की कोशिकाएं सदा विभाजित होती रहती है?


उत्तर :- विभाज्योतकी उत्तक 


5. विभाज्योतकी उत्तक को किस आधार पर विभाजित किया जाता है ?


उत्तर :- (i) शीर्षस्थ (ii) पार्श्वस्थ (iii) अन्त्र्वेशी


 

 


6. किस सरल उत्तक में अंतरकोशिकीय स्थान होता है ?


उत्तर :- मृदुतक सरल उत्तक 


7. दो उत्तकों के नाम बताएँ जो पौधों को यांत्रिक सहायता देता है ?


उत्तर :- स्थुलकोन तथा दृढ उत्तक 


8. वैसे मृदुतक को क्या कहते है जिसमे क्लोरोफिल पाया जाता है?


उत्तर :- हरित उत्तक क्लोरिनकाइमा में 


9. किस उत्तक की कोशिकाओं में भित्ति अनियमित ढंग से कोनों पर मोती होती है ?


उत्तर :- स्थूलकोण उत्तक की कोशिकाओं में 


10. नारियल का रेशा किस उत्तक का बना होता है ?


उत्तर :- स्थूलकोण उत्तक का


 

 


11. मृदुतक कोशिकाओं की दो विशेषताएं लिखें | 


उत्तर :- (i) पौधों को सहारा देता है, (ii) यह खाद्द का संचय करता है |


12. दो स्थायी पादप उत्तकों के नाम लिखे | 


उत्तर :- (i) सरल स्थायी उत्तक (ii) जटिल स्थायी उत्तक 


13. जाईलम का निर्माण किन तत्वों से होता है ?


उत्तर :- (i) वाहिनिकाएं या ट्रेकिड्स (ii) वाहिकाएं (iii) जाइलम तंतु (iv) जाइलम मृदुतक 


14. जाइलम का मुख्य कार्य क्या है ?


उत्तर :- (i) ये पौधे को यांत्रिक सहायता देती है एवं जल को ताने जड़ से पत्ती तक पहुंचाती है |(ii) ये मुख्यतः पौधों को यांत्रिक सहायता प्रदान करती है | (iii) यह भोजन संग्रह करता है एवं किनारे की ओर पानी के पार्श्वीय संवहन में मदद करता है |


15. फ्लोएम किन तत्वों से बनता है ?


उत्तर :- (i) चालानी नलिकाओं (ii) सहकोशिकाए (iii) फ्लोएम एवं बास्त तंतु (iv) फ्लोएम मृदुतक


 

 


16. किस उत्तक द्वारा पौधों में खाद्द पदार्थों का संवहन होता है |


उत्तर :- फ्लोएम उत्तक द्वारा संवहन होता है |


17. किन्ही दो प्रकार के एपिथिलियम उत्तक का नाम लिखे |


उत्तर :- (i) शल्की या श्ल्काय एपिथिलियम (ii) स्तंभाकार एपिथिलियम 


18. त्वचा की सतह पर किस प्रकार की एपिथिलियम उत्तक पायी जाती है ?


उत्तर :- शल्काय एपिथिलियम नामक उत्तक 


19. पक्ष्माभी एपिथिलियम की सिलिया में होनेवाली गति क्या कहलाती है ?


उत्तर :- पक्ष्माभी एपिथिलियम की सिलिया में होनेवाली गति सिलिया गति कहलाती है |


20. संयोजी उत्तक के दो उदाहरण दें |


उत्तर :- (i) एरियोलर उत्तक (ii) एडिपोज उत्तक


 

 


21. संयोजी उत्तक कितने प्रकार की होती है ? नाम लिखे |


उत्तर :- (i) वास्तविक संयोजी उत्तक (ii) कंकाल उत्तक (iii) तरल उत्तक या संवहन उत्तक |


22. एरियोलर उत्तक में पाए जानेवाले दो प्रकार की कोशिकाओं का नाम लिखे |


उत्तर :- (i) फैब्रोब्लास्ट (ii) हिस्तोसैट्स 


23. एडिपोज उत्तक में पाए जानेवाला संचित भोज्य पदार्थ क्या है ?


उत्तर :- वसा एडिपोज उत्तक में पाए जानेवाला संचित भोज्य पदार्थ है |


24. अस्थियों को मांसपेशियों से जोड़नेवाला उत्तक क्या कहलाता है ?


उत्तर :- अस्थियों को मांसपेशियों से जोड़ने वाला उत्तक टंडन कहलाता है |


25. अस्थि को अस्थि से जोड़नेवाला उत्तक क्या कहलाता है ?


उत्तर :- लिगामेंट अस्थि


 

 


26. दो मुख्य प्रकार के कंकाल उत्तक का नाम लिखे |


उत्तर :- (i) उपास्थि उत्तक (ii) अस्थि |


27. उपास्थि उत्तक के मैट्रिक्स में पाए जानेवाले कोशिकाए क्या कहलाता है ?


उत्तर:- कान्द्रियोब्लास्त 


28. दो प्रकार के तरल संयोजी उत्तक का नाम बताए |


उत्तर :- तरल संयोजी उत्तक रुधिर और प्लाज्मा 


29. रक्त के प्लाज्मा में पाए जानेवाले तीन प्रकार की रुधिर कणिकाएं कौन-कौन-सी है ?


उत्तर :- (i) लाल रुधिर कणिकाएं (ii) श्वेत रुधिर कणिकाएं (iii) प्लेटलेट्स 


30. शारीरिक अंगों में गति किस प्रकार के उत्तक के कारण होता है ?


उत्तर :- पेशी उत्तक के कारण


 

 


31. जंतुओं का मस्तिष्क किस प्रकार के उत्तक का बना होता है ?


उत्तर :- तंत्रिका उत्तक से 


32. तंत्रिका उत्तक की इकाई क्या कहलाती है ?


उत्तर :- न्यूरान या तंत्रिका कोशिका 


33. बहुकोशिकीय जीवों में कार्यों के दक्षतापूर्वक संचालन के लिए क्या व्यवस्था रहती है ?


उत्तर :- बहुकोशिकीय जोवों में कार्यों के दक्षतापूर्वक संचालन के लिए कोशिकाए के भिन्न-भिन्न समूह होते है | कोशिकाओं के इस समूह को उत्तक कहते है |


34. समान उत्पत्ति तथा समान कार्यों को संपादित करने वाली कोशिकाओं के समूह को क्या कहते है ?


उत्तर :- उत्तक 


35. ताने की चौड़ाई में वृद्धि किन उत्तकों के निर्माण से होती है ?


उत्तर :- पार्श्वस्थ विभाज्योत्तकी उत्तक


 

 


36. पत्तियों के आधार पर या टहनी के पर्व के दोनों ओर पाए जानेवाले उत्तक को क्या कहते है ?


उत्तर :- अन्तर्वेशी या अंतर्विष्ट 


37. स्थायी उत्तक का निर्माण किस उत्तक की वृद्धि के फलस्वरूप होता है ?


उत्तर :- अंतर्वेशी या अन्तविष्ट उत्तक 


38. सरल स्थायी उत्तक किस प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है ?


उत्तर :- समरूप कोशिकाओं का बना होता है |


39. जलीय पौधों में मुख्यतः किस प्रकार का उत्तक पाया जाता है |


उत्तर :- वायुत्तक या ऐरेनेकाइमा 


40. किस उत्तक की कोशिकाएं मृत, लम्बी, संकरी तथा दोनों सिरों पर नुकीली होती है ?


उत्तर :- दृढ उत्तक या स्कलेरेनकाइमा |


 


41. शुष्क स्थानों पर पाए जानेवाले पौधों में एपिडर्मिस की कोशिकाओं के ऊपर किसकी एक परत रहती है |


उत्तर :- क्यूटिकल की |


42. क्या कॉर्क कोशिकाओं में जीवद्रव्य पाया जाता है ?


उत्तर :- नहीं 


43. दो या दो से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने उत्तक क्या कहलाते है ?


उत्तर :- जटिल स्थायी उत्तक 


44. जाइलम एवं फ्लोएम मिलकर किसका निर्माण करते है ?


उत्तर :- संवहन बण्डल का |


45. सहकोशिकाएं चालानी नलिका के किस भाग में अवस्थित रहती है ?


उत्तर :- पार्श्वभाग


 

 


46. किस तंतु उत्तक की कोशिकाएं फर्श या दीवार पर लगी चपाती इंटों की तरह दिखती है ?


उत्तर :- शल्की या शल्काभ एपिथिलियम |


47. किस उत्तक के मुक्त सिरे पर सूक्ष्म रसांकुर विद्द्व्मान होते है ?


उत्तर :- स्तंभाकार एपिथिलियम 


48. छोटी अंत के भीतरी स्तर का निर्माण किस उत्तक से होता है ?


उत्तर :- स्तंभाकार एपिथिलिय 


49. घनाकार कोशिकाओं वाले उत्तक को क्या कहते है ?


उत्तर :- क्यूबाइडल एपिथिलियम 


50. अंडवाहिनी में अंडाणु को एक ही दिशा में जाने देने के लिए किस उत्तक की कोशिकाएं मदद करती है ?


उत्तर :- पक्ष्माभी या पक्ष्मल एपिथिलियम


 

 


51. एंटीबाडी का निर्माण किन कोशिकाओं द्वारा होता है ?


उत्तर :- प्लाज्मा कोशिकाओं द्वारा 


52. किस उत्तक में तारे जैसी कोशिकाएं पायी जाती है ?


उत्तर :- जालावत संयोजी उत्तक 


53. बाह्यकर्ण में किस प्रकार का उत्तक पाया जाता है ?


उत्तर :- कंकाल उत्तक 


54. हैवर्सियन नलिकाएँ कहाँ पायी जाती है ?


उत्तर :- मैमोलियम आस्था की अनुप्रस्थ काट में


 

 


55. आयतन के हिसाब से प्लाज्मा रुधिर का कितना प्रतिशत भाग है ?


उत्तर :- 55 प्रतिशत 


56. किस प्रकार की रुधिर कोशिकाओं में केन्द्रक नहीं पाया जाता है ?


उत्तर :- लाल रुधिर कोशिकाएं 


57. लाल रुधिर कणिकाओं में पाए जानेवाले प्रोटीन रंजक को क्या कहते है ?


उत्तर :- हिमोग्लोबिन 


58. एक न्यूरान के एक्सान के अंतिम छोर की शाखाएँ दुसरे न्यूरान के देन्डॉइट्स से जुड़कर क्या बनाती है ?


उत्तर :- सिनैप्स बनाती है |





Friday, September 4, 2020

गुरुत्वाकर्षण बल भारती भवन पब्लिकेशन

 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न :-


1. गुरुत्वाकर्षण बल किसे कहते है ? 


उत्तर :- वह आकर्षण बल जिससे दो वस्तुएँ एक-दुसरे को अपने ओर आकर्षित करती है, गुरुत्वाकर्षण बल कहलाता है | जब पत्थर का एक टुकड़ा स्वतन्त्र रूप से पृथ्वी पर गिरता है तो पृथ्वी तथा पत्थर का टुकड़ा दोनों एक-दुसरे को आकर्षित करते है | 


2. गुरुत्वाकर्षण नियतांक का मान लिखें | 


उत्तर :- G = गुरुत्वाकर्षण नियतांक (= 6.67 × 10-11 Nm2/kg2)


3. पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी वस्तु के बीच लगनेवाली गुरुत्वाकर्षण बल का परिमाण ज्ञात करने के लिए सूत्र लिखें | 


उत्तर :- F=G*Mn/R2    


4. यदि दो वस्तुओं के बीच की दुरी को आधा कर दिया जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल किस प्रकार बदलेगा


उत्तर :- गुरुत्वाकर्षण बल चार गुना हो जाएगा


 

 


5. पृथ्वी और चंद्रमा एक-दुसरे को गुरुत्वीय बल से आकर्षित करते है, क्या पृथ्वी जिस बल से चंद्रमा को आकर्षित करती है वह बल, उस बल से जिससे चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है बड़ा है या छोटा है या बराबर है ? बताइये क्यों ? 


उत्तर :- ये दोनों बल क्रिया-प्रतिक्रया बल है, अत न्यूटन के तृतीय गति नियम से एक-दुसरे के बराबर होंगे | 


6. पृथ्वी तथा किसी वस्तु के बीच के गुरुत्वाकर्षण बल को हम क्या कहते है ? 


उत्तर :- गुरुत्व बल | 


7. मुक्त पतन क्या है ? 


उत्तर :- जब वस्तुएँ पृथ्वी की ओर केवल गुरुत्व बल के कारण गिरती है, तब हम कहते है की वस्तुएँ मुक्त पतन में है | 


8. मुक्त पतन का त्वरण या गुरुत्वीय त्वरण क्या है ? 


उत्तर :- जब कोई वस्तु पतन में हो अर्थात जब कोई वस्तु पृथ्वी बल के अधीन गिरती हो तो उसके त्वरण को मुक्त पतन का त्वरण या गुरुत्वीय त्वरण कहते है |


 

 


9. पृथ्वी के ध्रुवों पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान महत्त्म होता है या न्यूनतम | 


उत्तर :- महत्त्म 


10. कमानीदार तुला से किसी वस्तु का क्या मापा जाता है ? 


उत्तर :- कमानीदार तुला से किसी वस्तु का भार मापा जाता है \ 


11. एक कागज़ की शीट, उसी प्रकार की शीट को मरोड़ कर बनायी गेंद से धीमी क्यों गिरती है ? 


उत्तर :- वायु का प्रतिरोध कागज़ की गेंद की अपेक्षा कागज़ की शीट पर अधिक होता है, इसलिए गेंद की अपेक्षा शीट धीमी गिरती है | 


12. किसी वस्तु के द्रव्यमान, उसके भार और गुरुत्वीय त्वरण में क्या संबंध है ?


उत्तर :- वस्तु का भार = वस्तु का द्रव्यमान X गुरुत्वीय त्वरण


 

 


13. एक पिंड का द्रव्यमान 40 Kg है| यदि पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण 10ms-2 हो, तो पृथ्वी पर इसका भार क्या होगा ?


उत्तर :- ؞ भार = ma



 यहाँ m = 40 kg


            a = 10 ms-2


               = 40 kg × 10 ms-2


               = 400 kg ms-2


               =400 N   


14. एक पिंड को पृथ्वी से चंद्रमा पर ले जाया जाता है | क्या उसका (i) द्रव्यमान (ii) भार बढ़ता है या घटता है या आचार रहता है | 


उत्तर :- जब एक पिंड को पृथ्वी पर ले जाया जाता है तब पिंड का द्रव्यमान आचार रहता है, परन्तु भार घटता है | 


15. दाब क्या है ? दाब का SI मात्रक लिखें |


 

 


उत्तर :- प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगनेवाली बल को दाब कहते है | दाब का SI मात्रक होता है | इसे पास्कल से संबोधित किया जाता है | 


16. प्रणोद से क्या समझते है ? इसका SI मात्रक क्या होता है ? 


उत्तर :- किसी पृष्ठ या सतह के लंबवत लगे हुए बल को प्रणोद कहते है | प्रणोद का SI मात्रक न्यूटन (N) होता है | 


17. तेज धार वाली कैंची से कपड़ा कम बल लगाने पर भी क्यों कट जाता है ? 


उत्तर :- तेज धार वाली कैंची की धार तेज होती है या कह सकते है की उसकी सतह का क्षेत्रफल कम होता है और बल ;लगाने पर अधिक दाब उत्पन्न करता है और काटने में आसानी होती है | अत कम बल लगाने पर भी तेज धार वाली कैंची से कपड़ा कट जाता है | 


18. मोटरगाड़ी या ट्रकों के टायर अधिक चौड़े क्यों होती है ? 


उत्तर :- मोटरगाड़ी या ट्रकों के टायर अधिक चौड़े होते है क्योंकि इससे वाहन का भार बड़े क्षेत्रफल में वितरित हो जाता है और टायर पर दाब कम पड़ता है जिससे वे फटने से बचे रहते है |


 

 


19. किसी पिंड द्वारा विस्थापित द्रव का आयतन कितना होता है जब उसे द्रव में डुबाया जाता है ? 


उत्तर :- आयतन बढ़ जाता है |


20. किसी द्रव में डुबोई गयी वस्तु पर उत्प्लावन बल किस दिशा में कार्य करता है ?


उत्तर :- वस्तु पर उत्प्लावन बल ऊपर की ओर लगता है | 


21. पानी के भीतर किसी प्लास्टिक के गुटके को छोड़ने पर यह पानी की सतह पर क्यों आ जाता है ?


उत्तर :- प्लास्टिक के गुटके पर ऊपर की ओर लगता उत्प्लावन बल उसपर नीचे की ओर गुरुत्व बल से अधिक होता है | अत गुटका पानी की सतह पर आ जाता है |


22. यदि दो पिंड एक हीओ द्रव में पूरी तरह दुबे हों और उनके भारों की हानियाँ सामान हो तो उन पिंडो के आयतनो के बीच क्या संबंध होगा ?


उत्तर :- पिंड के भार में या हानि पिंड द्वारा विस्थापित द्रव के बराबर होती है | अत उन पिंडो के आयतन के बीच बराबर का संबंध होता है | 


23. आपेक्षिक घनत्व का मात्रक क्या होता है ? 


उत्तर :- आपेक्षिक घनत्व सामान राशियों का अनुपात है, इसीलिए इसका कोई मात्रक नहीं होता है |


 

 


24. किसी पदार्थ के आपेक्षिक घनत्व, उसके घनत्व और पानी के घनत्व में क्या संबंध है ? 


उत्तर :- किसी वस्तु का घनत्व = उस वस्तु का आपेक्षिक घनत्व x पानी का घनत्व | 


25. द्रव की उत्प्लावकता के दो उपयोगों का उल्लेख करें |


 

 


उत्तर :- (i) जहाज या नाव को पानी में तैयार, (ii) मनुष्य को नदी या तालाब में तैयार | 


26. पास्कल का नियम क्या है ? 


उत्तर :- बंद द्रव के किसी भाग पर डाला गया दाब सभी दिशाओं में सामान रूप से संचरित होती है | 


27. एक पिंड का त्वरण अपने गमन के दौरान पाँच गुना हो जाता है, क्या उसपर लगा हुआ बल भी बदल जाता है ? यदि हाँ तो कितने से बदलता है ? 


उत्तर :- हाँ, उस पर लगा हुआ बल भी बढ़ जाएगा जो पूर्ववत बल का पाँच गुना है | 

WHAT IS WRONG WITH INDIAN FILMS?

1. One of the most significant phenomena of our time ,हमारे समय के सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटनाओ मे से एक है , has been the development of the cinema सिनेमा का विकाश  from a-turn –of the-century mechanical toy into the century’s most potent and versatile art form. एकशताब्दी के यांत्रिक खिलौने से दुसेरे शताब्दी के सर्वाधिक प्रबल और बहुमुखी कला के रूप से



2. Today, the cinema commands the respect accorded to ne other form of creative expressionआज सिनेमा अन्य दुसरे रचनात्मक अभिवयक्ति को सम्मान करने का निर्देश देता है . It combines in various measures the functions of poetry, music, painting, drama, architecture and a host of other arts, major and minor. यह बहुत बढ़े पैमाने पर काव्य, संगीत, पेंटिंग, नाटक, वस्तुशिल्प और अन्य दूसरे कलाओ के कार्यो को कम या अधिक मात्र मे समाहित करता है It also combines the cold logic of science.यह विज्ञान के सामान्य तर्को को भी जोड़ता है।


3. India took up film production surprisingly early.भारत ने फिल्म निर्माण को आश्चर्यजनक रूप से जल्दी अपनाया।  The first short was produced in 1907 and the first feature 1913पहला लघु फिल्म 1907 मे बनाया गया था और पहली रूपक (फिचर फिल्म ) 1913 मे ।. By the twenties it had reached the status of big business.बीस की दसक तक यह बड़े व्यवसायिक अवस्था को प्राप्त कर चुका था ।          

4.   It is easy to tell the world that film production in India दुनिया को यह बताना आसान है की भारत मे फिल्मों का निर्माण is quantitatively second only to Hollywood मात्रात्मक रुप से हॉलीवुड से दूसरा है। ; for that is a statistical fact यह संख्यात्मक तथ्य है। . But can the same be said of its quality? लेकिन क्या यही इसकी गुवत्ता के बारे मे कहा जा सकता है?  Why are our films not shown abroad? हमारी फिल्म्स बाहर क्यो नही देखी जाती है ? Is it solely because India offers a potential market for her own products? क्या केवल इसलिए  की भारत अपने उत्पाद (फिल्म ) के लिए सामर्थय बाजार प्रस्तुत करता है । Or are we just plain ashamed of our film?क्या हमलोग बिल्कुल सीधा अपने फिल्म्स से शर्मिंदा है ?

5.  To anyone familiar with the relative standards of the best foreign and India films the answers must come easily. Let us face the truth. There has yet been no Indian film, which could be acclaimed on all counts. Where other countries have achieved, we have only attempted and that too not always with honesty.


सर्वश्रेष्ठ विदेशी और भारत फिल्मों के सापेक्ष मानकों से परिचित किसी के लिए भी उत्तर आसानी से आने चाहिए। हमें सच्चाई का सामना करना चाहिए। अभी तक कोई भारतीय फिल्म नहीं आई है, जिसे सभी मामलों में सराहा जा सके। जहां अन्य देशों ने हासिल किया है, हमने केवल प्रयास किया है और वह भी हमेशा ईमानदारी के साथ नहीं।

6. No doubt this lack of maturity can be attributed to several factors. The producers well you about that mysterious entity ‘the mass’, which goes in for this sort of thing’, the technicians will blame the tools and the director will have much to say about the wonderful things he had in mind but could not achieve because of the conditions’.

कोई शक नहीं कि परिपक्वता की इस कमी को कई कारकों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। निर्माता आपको उस रहस्यमय इकाई 'द्रव्यमान' के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं, जो इस प्रकार की चीज के लिए जाता है ', तकनीशियन उपकरण को दोषी ठहराएंगे और निर्देशक के पास उन अद्भुत चीजों के बारे में कहने के लिए बहुत कुछ होगा जो उनके दिमाग में थीं, लेकिन हासिल नहीं कर सके क्योंकि शर्तों का '।

7. In India it would seem that the fundamental concept of coherent dramatic pattern existing in time was generally misunderstood.


भारत में ऐसा प्रतीत होता है कि समय के साथ विद्यमान सुसंगत नाटकीय पैटर्न की मूल अवधारणा को आमतौर पर गलत समझा गया था।

8.  Often by a queer process of reasoning, movement was equated with action with melodrama. The analogy with music failed in our case because Indian music is largely improvisational.
अक्सर तर्क की एक कतार प्रक्रिया द्वारा, आंदोलन को मेलोड्रामा के साथ कार्रवाई के साथ बराबर किया गया था। संगीत के साथ समानता हमारे मामले में विफल रही क्योंकि भारतीय संगीत काफी हद तक सुधारवादी है।

9.        Almost every passing phase of the American cinema has had its repercussion on the Indian film. Stories have been written based on Hollywood successes an the cliches preserved with care. Even where the story has been a genuinely Indian one, the background music has revealed an irrepressible penchant for the jazz idiom.


अमेरिकी सिनेमा के लगभग हर गुजरते दौर में भारतीय फिल्म पर इसका असर पड़ा है। कहानियां हॉलीवुड की सफलताओं के आधार पर लिखी गई हैं, देखभाल के साथ संरक्षित क्लिच। यहां तक ​​कि जहां कहानी वास्तव में एक भारतीय रही है, पृष्ठभूमि संगीत ने जैज मुहावरे के लिए एक अपरिवर्तनीय पेंसिल का खुलासा किया है।

10. It should be realised that the average American film is a bad model, if only because it depicts a way of life so utterly at variance with own. Moreover. The high technical polish, which is the hallmark of the standard Hollywood product, would be impossible to achieve under existing Indian conditions. What the Indian cinema needs today is not more gloss, but more imagination, more integrity, and a more intelligent appreciation of the limitations of the medium.  

यह महसूस किया जाना चाहिए कि औसत अमेरिकी फिल्म एक खराब मॉडल है, अगर केवल इसलिए कि यह जीवन का एक तरीका दर्शाती है ताकि पूरी तरह से खुद के साथ विचरण किया जा सके। इसके अलावा। उच्च तकनीकी पॉलिश, जो मानक हॉलीवुड उत्पाद की पहचान है, मौजूदा भारतीय परिस्थितियों में हासिल करना असंभव होगा। भारतीय सिनेमा को आज जिस तरह की जरूरत है, वह अधिक चमक नहीं है, बल्कि अधिक कल्पना, अधिक अखंडता, और माध्यम की सीमाओं की अधिक बुद्धिमान प्रशंसा है।

11.         After all we do posses the primary tools of film-making. The complaint of the technicians not withstanding, mechanical devices such as the crane shot and the process shot are useful but by no means indispensable. In fact, what tools we have been used on occasion with real intelligence. What our cinema needs above everything else is a style, an idiom, a sort of iconography of cinema, which would be uniquely and recognizably Indian.


आखिर हम फिल्म-निर्माण के प्राथमिक उपकरण रखते हैं। तकनीशियनों की शिकायत समझ में नहीं आती है, यांत्रिक उपकरणों जैसे क्रेन शॉट और प्रक्रिया शॉट उपयोगी होते हैं लेकिन किसी भी तरह से अपरिहार्य नहीं हैं। वास्तव में, हम वास्तविक बुद्धि के साथ अवसर पर किन उपकरणों का उपयोग किया गया है। हमारे सिनेमा को बाकी चीज़ों से ऊपर की ज़रूरत है एक शैली, एक मुहावरा, सिनेमा की एक तरह की आइकनोग्राफी, जो विशिष्ट रूप से और भारतीय रूप से भारतीय होगी।

12. 

   

Sunday, August 23, 2020

2 पदार्थ का वर्गीकरण, भारती भवन पुस्तक के अनुसार वर्ग 9

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. निम्नलिखित में कौन तत्व है

( क)पीतल (ख)  स्टील (ग) आर्सेनिक (घ) सिलिका

2. निम्नलिखित में कौन तत्व नहीं है।

( क) ऑक्सीजन (ख)  ब्रोमीन (ग) कागज (घ) जस्ता

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

1. हीरा एक तत्व का उदाहरण है।

2. बारूद एक मिश्रण है।

3. साधारण नमक एक यौगिक है।

4. बोरान एक तत्व है। उपधातु

5. अमोनिया और जल का मिश्रण एक विलियन है।

6. किसी असंतृप्त विलियन में बिना विलायक कि मात्रा बढ़ाएं अधिक घुल्य घुलाया जा सकता है।

7. जिसमें  कोलायड के कण प्रकाश को प्रकिरण कर देते हैं टिंडल प्रभाव कहलाता है।

8. बालू और जल के मिश्रण में बालू को छानना विधि द्वारा अलग किया जा सकता है।

9. यौगिक के गुण उसके अवयवों के गुणों से भिन्न होते हैं।

10. विलियन हमेशा समांग होता है।

11. पेड़ की पत्तियों का सूखना एक रासायनिक परिवर्तन है।

सही या गलत का चयन करें।

1. यौगिक  के अवयवों को सरल भौतिक विधियों से पृथक किया जा सकता है। गलत

2. मिश्रण का संगठन हमेशा स्थिर रहता है। गलत

3. दो या अधिक पदार्थों का समांग मिश्रण विलियन कहलाता है। सही

4. जल एक तत्व है गलत

5. सिलिकॉन एक उपधातु है सही

6. विलियन के अवयवों को छानन विधि से अलग  किया जा सकता है। गलत

7. कोलायड के कण छन्ना पात्र के आर पार आ जा सकते हैं। सही

8. निलंबन के में कणों का आकार कोलायड के कणों से बड़ा होता है। सही

9. शरीर मे भोजन का पाचन एक भौतिक परिवर्तन है। गलत

10. बर्फ का पिघलना एक रासायनिक परिवर्तन है। गलत

11. मोमबत्ती के जलने में भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों होते हैं सही

12. लोहे का लाल तप्त होना रासायनिक परिवर्तन है गलत


अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. 

लघु उत्तरीय प्रश्न : 

1. निम्नलिखित पदार्थों का तत्व, यौगिक और मिश्रण में वर्गीकृत करें ?


(a) जस्ता (b) समुद्र का जल (c) सोडियम बाइकार्बोनेट (d) मिट्टी (e) साबुन (f) कोयला (g) कागज़ (h) एल्कोहल (i) ग्रेफाईट 


उत्तर :- तत्व - जस्ता, ग्रेफाइट 

यौगिक - सोडियम बाइकार्बोनेट 

मिश्रण - मिट्टी, कोयला, अल्कोहाल, समुद्र का जल, साबुन, कागज़ | 


2. निम्नलिखित में भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों की पहचान करें | 


(a) एक बच्चे का विकास (b) दूध का दही बनना (c) मोम का पिघलना (d) लकड़ी का जलना | 


उत्तर :- भौतिक परिवर्तन - मोम का पिघलना 


रासायनिक परिवर्तन - दूध का दही बनना, लकड़ी का जलना, एक बच्चे का विकास |

3. तत्व और यौगिक में कोई दो अन्तर बताएँ | 

उत्तर :-

तत्व

यौगिक

(i) यह वह पदार्थ है जिसे दो या अधिक विभिन्न पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है |

(i) इसे रासायनिक विधियों द्वारा दो या अधिक विभिन्न गुणवाले पदार्थों मे विभाजनभा किया जा सकता है |

(ii) यह एक ही प्रकार के परमाणुओं का बना होता है |

(ii) यह विभिन्न प्रकार के परमाणुओं का बना होता है |


4. मिश्रण के किन्ही दो गुणों को लिखे | 


उत्तर :- (i) मिश्रण के बनने में प्राय ऊर्जा का न तो उत्सर्जन होता है न अवशोषण ही - चीनी और बालू को एक साथ मिला देने पर कोई ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता अर्थात ऊर्जा का न तो उत्सर्जन होता है और न ही अवशोषण | 


(ii) मिश्रण का संघटक निश्चित नहीं होता है - मिश्रण के विभिन्न भागों में उसके अवयवों का अनुपात भिन्न-भिन्न होता जाता है, उस द्रव को विलायक कहते है |

5. विलय और विलायक में क्या अंतर है ? स्पस्ट करें |

उत्तर :- जो पदार्थ द्रव में घुलकर विलयन बनाता है वह विलेय कहलाता है जबकि जिस द्रव में किसी पदार्थ को घुलाया जाता है, उस द्रव को विलायक कहते है |


6. आप कैसे समझते है की आक्सीजन एक तत्व है ?

उत्तर :- आक्सीजन एक तत्व है, क्योंकि अबतक आक्सीजन में किसी भी अन्य तत्व की उपस्थिति नहीं पायी गयी है | जब शुद्ध आक्सीजन की अभिक्रिया शुद्ध हाइड्रोजन के साथ कराई जाती है तो सिर्फ जल बनता है | इन्ही कारणों से आक्सीजन को एक तत्व माना जाता है | 


7. किन्ही चार उपयोगी मिश्रणों का उल्लेख करे | 

उत्तर :- आक्सीजन, दूध, जल और मिट्टी उपयोगी मिश्रणों के कुछ उदाहरण है |

 

8. जलीय विलयन और अजलीय विलयन से आप क्या समझते है ?


उत्तर :- जलीय विलयन- किसी पदार्थ को जल में घुलाकर जो विलयन बनता है उसे जलीय विलयन कहते है |उदाहरण के लिए नमक, अमोनियम क्लोराइड और कॉपर सल्फेट के जल में बने विलयन इन पदार्थों के जलीय विलयन है |

अजलीय विलयन- कुछ ऐसे भी पदार्थ है जो जल के अतिरिक्त एनी द्रवों में घुलकर विलयन बनाते है | ऐसे द्रवों में अल्कोहल ऐसिटोन, कार्बन टेट्राक्लोराइड और कार्बन डाईसल्फाइड मुख्य है | इन द्रवों से बने विलयन अजलीय विलयन कहलाते है | 


9. वास्ताविक विलयन की किन्ही दो विशेषताओं का उल्लेख करे |

उत्तर :- (i) विलयन स्वच्छ एवं पारदर्शी होता है | उदाहरण के लिए नमक का जल में विलयन स्वच्छ एवं पारदर्शी होता है | 

(ii) विलयन को कुछ समय तक स्थिर छोड़ देने पर भी विलेय के कण नीचे नहीं बैठते है | 

10. असंतृप्त विलयन से क्या समझते है ?


उत्तर :- किसी निश्चित ताप पर बना वह विलयन जिसमे विलेय की और अधिक मात्रा उस ताप पर घुलाई जा सकती है, असंतृप्त विलयन कहलाता है |

11. असंतृप्त विलयन और संतृप्त विलयन में क्या अंतर है ? स्पस्ट करे | 

उत्तर :- किसी निश्चित ताप पर बना वह विलयन जिसमे विलेय की अधिकतम मात्रा घुली हो, संतृप्त विलयन कहलाती है जबकि असंतृप्त विलयन में घुल्य की और अधिक मात्रा उस ताप पर घुलाई जा सकती है | 


12. अतिसंतृप्त विलयन क्या है ?

उत्तर :- वह संतृप्त विलयन जिसमे घुल्य की मात्रा उस विलयन को संतृप्त करने के लिए आवश्यक घुल्य की मात्रा से अधिक घुली हो, अतिसंतृप्त विलयन कहलाता है | 

13. किसी पदार्थ की विलयेता की परिभाषा दें | विलयेता पर ताप और दाब का क्या प्रभाव पड़ता है ?

उत्तर :- एक निश्चित ताप पर 100g विलायक को संतृप्त करने के लिए किसी पदार्थ की जितनी मात्रा ( ग्राम में ) की आवश्यकता होती है, उसे उस ताप पर उस पदार्थ का विलयेता कहते है | 

विलयेता पर ताप का प्रभाव- साधारणत ठोस पदार्थ की जल में विलयेता ताप बढ़ने से बढ़ती है | जैसे- सोडियम सल्फेट, कैल्शियम हाइड्राआक्साइड आदि | 

विलयेता पर दाब का प्रभाव- किसी द्रव में ठोस पदार्थ की विलेयता पर दाब का प्रभाव बहुत ही कम पड़ता है | उदाहरण के लिए, दाब बढाने पर जल में सोडियम क्लोराइड की विलयेता में बहुत ही कम वृद्धि होती है |किन्तु द्रव में किसी गैस की विलयेता पर दाब का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है | दाब बढाने पर विलयेता बढाती है और दाब कम करने पर विलयेता घटती है |

14. दो अलग-अलग परखनलियों में से एक में नमक का जल में असंतृप्त विलयन और दुसरे में संतृप्त विलयन रखा गया है | इनकी पहचान आप कैसे करेंगे | 

उत्तर :- यह जाँच करने के लिए की विलयन संतृप्त है या असंतृप्त | इसके लिए उस विलयन में थोड़ा घुल्य डालकर काँच की छड से अच्छी तरह मिलाएं | यदि घुल जाता है तब विलयन असंतृप्त माना जता है, अन्यथा संतृप्त |

15. कोलाइडी वियलन क्या है ?

 उत्तर :- कोलाइडी किसी वास्तविक विलयन एवं निंबन के बीच की स्थिति होती है | न तो यह वास्तविक विलयन होता है और न निलंबन अर्थात न तो इसमे विलय के कण द्रव में पूरी तरह घुलते है और न इस प्रकार निलंबित रहते है की न हिलाने पर तली में बैठ जाएं | कोलाइड में ठोस कणों का आकार 10-9 मीटर से 10-6 मीटर के बीच होता है | कोलाइड में द्रव माध्यम, पारीक्षेपण माध्यम कहलाता है तथा घुले हुए कण परिक्षिप्त प्रावस्था कहलाते है | उदाहरण :- दूध, रक्त, लिखने वाली स्याही तथा साबुन के झाग | 

16. निम्नलिखित में प्रत्येक का एक उदाहरण दें | 

पायस, जेल, एरोसाल, झाग | 

उत्तर :- पायस - दूध 

जेल - मक्खन 

एरोसाल - कुहासा 

झाग - साबुन 

किसी भी कोलाइडी विलयन का अवक्षेप में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को स्कंदन कहते है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :-

1. तत्व, यौगिक और मिश्रण की परिभाषा लिखें | 


उत्तर :- तत्व - तत्व पदार्थ का एक शुद्ध और सरलतम द्रव्य है जो किसी भी भौतिक या रासायनिक विधि द्वारा दो या दो से अधिक सरल दराव्यों में विभाजित नहीं किया जा सकता है | 

यौगिक - यौगिक वह शुद्ध पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के भार के विचार से एक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग के फलस्वरूप बनता है |

मिश्रण - मिश्रण वह पदार्थ है जो दो या से अधिक तत्वों या यौगिकों को किसी भी अनुपात में परस्पर मिला देने से बनता है और इसके अवयवों को सरल यांत्रिक विधियों द्वारा पृथक किया जा सकता है

2. यौगिक की प्रमुख विशेषताएँ लिखें |

उतर :- (i) यौगिक के अवयवी तत्वों को किसी भी यांत्रिक या भौतिक विधि द्वारा अलग-अलग नहीं किया जा सकता है | 

(ii) किसी यौगिक के गुण उसके अवयवी तत्वों के गुणों से नितांत भिन्न होते है | 

(iii) किसी यौगिक के बनने में उष्मा या प्रकाश के रूप में ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण होता है | 

(iv) यौगिक में उसके अवयवी तत्व भार के विचार से एक निश्चित अनुपात में रहते है | 

(v) यौगिक के द्रवनांक और क्वथनांक निश्चित होते है | 

(vi) यौगिक एक समांग पदार्थ है अर्थात यौगिक के संघटन और गुण हमेशा एक सामान रहते है

3. तत्व और यौगिक में मुख्य अंतर क्या है ?

उत्तर :- 

तत्व

यौगिक

(i)

ये वे पदार्थ है जिसे दो या दो से अधिक विभिन्न पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है |

इसे रासायनिक विधियों द्वारा दो या से अधिक विभिन्न गुण वाले पदार्थ में विभक्त किया जा सकता है |

(ii)

ये एक ही प्रकार के परमाणुओं का बना होता है |ये विभिन्न प्रकार के परमाणुओं का बना होता है |

(iii)

ये सिर्फ एक ही पदार्थ का बना होता है |

ये दो या अधिक विभिन्न पदार्थों से बना होता है |

(iv)

इनमे भौतिक और रासायनिक गुण यौगिकों से भिन्न होते है |इसमे भौतिक और रासायनिक गुण तत्वों से भिन्न होते है |

(v)

इसका सूक्ष्मतम कण परमाणु कहलाता है |

इसका सूक्ष्मतम कण अणु कहलाता है |

5. समांग और विसमांग मिश्रण से आप क्या समझते है ? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दें | 

उत्तर :- समांग मिश्रण - इसका संघटक सम्पूर्ण मिश्रण में एक रूप रहता है | इसके अवयवों के बीच कोई सस्प्ष्ट विभाजक सीमाएं नहीं होती है | 

उदाहरण- जल में चीनी का विलयन एक मिश्रण है | यह समांग होता है | इस विलयन के पृथक-पृथक नहीं दिखाई देते है | 

विषमांग मिश्रण - इसका संघटक सम्पूर्ण मिश्रण के अंतर्गत एकरूप नहीं रहता है | इस मिश्रण के विभिन्न अवयवों के मध्यय सुस्पष्ट विभाजक सीमाएं होती है | 

उदहारण- बालू और साधारण नमक का मिश्रण विषमांग होता है | इस मिश्रण के विभिन्न भागों में इसके अवयवों का अनुपात भिन्न-भिन्न होता है | एक आवर्धक काँच से देखने पर बालू और नमक के कण अलग-अलग तथा स्पष्ट दिखाते है।

6. अमोनिया क्लोराइड को बालू से उर्ध्वपातन विधि की सहायता से आप कैसे पृथक करेंगे ? सचित्र वर्णन करें

उत्तर :- उर्ध्वपातन विधि द्वारा बालू और अमोनिया क्लोराइड के मिश्रण से अमोनियम क्लोराइड को पृथक किया जा सकता है |




व्याख्या- उक्त मिश्रण को एक पोर्सिलेन बेसिन में लेकर इसके ऊपर एक कोणीय फनेल (शंकुकिप ) उलटकर रख देते है | फनेल सिरे को कपास की रुई से बंद कर देते है | बेसिन को गर्म करने पर मिश्रण में उपस्थित अमोनियम क्लोराइड बिना पिछले ही वाष्प में परिवर्तन होकर ऊपर उठता है जो फनेल के अन्दर ठन्डे भागों के रूप में परिणत होकर एकत्र हो जाता है | फलस्वरूप बालू से अमोनियम क्लोराइड अलग हो जाता है


 

7. प्रभाजी स्रवन का वर्णन करें |

उत्तर :- यह विधि दो या अधिक मिश्रणीय द्रवों के मिश्रण के अवयवों को पृथक करने में अपनाई जाती है बतर्शे की उन अवयवी द्रवों के क्वथनांक का अंतर 100C या कम हो | उदाहरण के लिए, मेथिल अल्कोहल (क्वथनांक 650C ) को एसीटोन (क्वथनांक 560C ) से इस विधि द्वारा पृथक किया जा सकता है |




मिश्रण को एक गोल पेंदी फ्लास्क में लेकर बालू ऊष्मक पर गर्म करते है | यह फ्लास्क एक प्रभाजक स्तम्भ से जुदा रहता है, जैसे की चित्र में दिखाया गया है | प्रभाजक सतम्भ में कई फंदे होते है, जिनमे उच्च क्वथनांक वाले या कम वाष्पशील द्रव संघनित होते है | निम्न क्वथनांक या अधिक वाष्पशील द्रव के वाष्प संघनक में जाकर संघनित हो जाता है | इस द्रव को एक अलग ग्राहक में एकत्र कर लिया जाता है | इस द्रव के क्वथनांक पर ताप तबतक स्थिर रहता है जबतक की यह द्रव पूर्णत वाष्पित होकर निकल नहीं जाता | इसके पश्चात ताप बढ़ने लगाता है और अपने उच्च क्वथनांक वाले के क्वथनांक पर पुन स्थिर हो जाता है | यह द्रव भी पूर्णत वाष्पित होकर संघनक में द्रवीभूत होता है जिसे एक दुसरे ग्राहक में एकत्र कर लिया जता है | इस प्रकार से मिश्रण के सभी अवयवों को अलग-अलग प्राप्त किया जा सकता हैं।

8. लोहा को गंधक से पृथक की किन्हीं दो विधियों का उल्लेख करें | 

उत्तर :- (i) पृथकरण विधि - लौह-चूर्ण और गंधक के मिश्रण से लौह-चूर्ण को चुम्बकीय पृथक्करण विधि द्वारा पृथक किया जा सकता है | इस मिश्रण के ठीक उपर एक चुम्बक लाने पर लोहे के बारीक कण चुम्बक की ओर आकर्षित होकर चिपक जाते है | गंधक अचुम्बकीय होने के कारण चुम्बक की ओर आकर्षित नहीं होता है | 


(ii) छनना विधि - लोहे के चूर्ण और गंधक के मिश्रण में कार्बन डाईसल्फाइड डालने पर गंधक उनमे घुल जाती है, किन्तु लोहे के कणों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है | प्राप्त द्रव को छानने पर लोहा पृथक हो जाता है |

9. विलेय, विलायक और विलयन की व्याख्या करें | 

उत्तर :- विलेय - जो पदार्थ द्रव में घुलकर विलयन बनाता है, वह विलेय कहलाता है |उदाहरण- नमक, अमोनिया क्लोराइड और कापर सल्फेट आदि | 

विलायक - जिस द्रव में किसी पदार्थ को घुलाया जाता है, उस द्रव को विलायक कहते है |उदाहरण- जल |

विलयन - दो या अधिक पदार्थों समांग मिश्रण विलयन कहलाता है | समांग का अर्थ है - विलयन के सभी भागों में एकरूपता | विलयन का संघटक एकरूप होता है |

10. विलेयता क्या है ? कमरे के ताप पर जल में शोरा ( पोटेशियम नाइट्रेट ) की विलेयता ज्ञात करने की विधि का उल्लेख करें |

उत्तर :- विलेयता- एक निश्चित ताप पर 100 g विलायक को संतृप्त करने के लिए किसी पदार्थ की जीतनी मात्रा (ग्राम में ) की आवश्यकता होती है, उसे उस ताप पर उस पदार्थ की विलेयता कहते है |


मान ले, कमरे के ताप पर हमें पोटेशियम नाइट्रेट की जल में विलयेता यात करनी है | इसके लिए जल में सोडियम क्लोराइड का संतृप्त विलयन तैयार करते है | इस विलयन का लगभग 10 mL पहले से तुले (वजन ) हुए एक पोर्सिलेन बेसिन में लेते है | विलयन के साथ बेसिन को पुन तौल लेते है | अब बेसिन को बालू-उष्मक पर रखकर धीरे-धीरे गर्म करते है | जब पूरा जल वाष्पित हो जाता है और बेसिन में सिर्फ ठोस अवशेष ( पोटेशियम नाइट्रेट ) बाख जाता है तब बेसिन को एक शुश्काकारक में रखकर ठंडा करते है | इसके पश्चात ठोस अवशेष ( पोटेशियम नाइट्रेट ) के सस्थ बेसिन को तौल लेते है | गर्म करने, ठंडा करने तथा तौलने का काम तबतक किया जाता है तबतक की दो तौल एक सामान न हो जाए |

अब गणना निम्न प्रकार से की जाती है -

मान लिया की बेसिन तथा छड का द्रव्यमान = w1 ग्राम  

बेसिन, छड़ तथा विलयन का द्रव्यमान = w2 ग्राम 

इसलिए, विलयन का द्रव्यमान = (w2 - w1 )ग्राम 

विलयन को गर्म करने के बाद स्थिर भार बेसिन,

छड तथा विलेय पदार्थ का द्रव्यमान = w3 ग्राम 

विलेय का द्रव्यमान = ( w3 - w1 )ग्राम 

विलायक ( जल ) का द्रव्यमान = (w2 -w1 ) - (w3 - w1 ) = (w2 - w3 ) ग्राम 

अर्थात कमरे के ताप पर ( w2 - w3 ) ग्राम जल में (w3 - w1 ) ग्राम विलेय घुलकर संतृप्त विलयन बनाता है |

11. वास्तविक विलयन, कोलाईडी विलयन और निलंबन में अन्तर स्पष्ट करें |

उत्तर :- 

वास्तविक विलयन


कोलाईडी विलयन


निलंबन


(i)


यह दो या अधिक पदार्थों का सजातीय मिश्रण होता है |


यह सजातीय दिखने वाला, लेकिन विशाम्जातीय मिश्रण होता है |


यह किसी ठोस का विशाम्जातीय मिश्रण है | हो द्रव या गैस में विस्खेपित रहता है |        


(ii)


विलेय के अणु दिखाई नहीं दे सकते है |


विलेय के अणु सूक्ष्मदर्शी से दिखाई दे सकते है |


ठोस अवस्था के अणु नंगी आँखों से दिखाई दे सकते है \


(iii)


अणु का आकार 10-9 मी. से कम होता है |


अणु का आकार 10-6 से 10-9 मी. के बीच होता है |


अणु का आकार 10-6 मी. से अधिक होता है |


(iv)


छानकर संघटको को पृथक नहीं किया जा सकता है |


संघटको को केवल अपकेंद्रिकरण द्वारा ही पृथक किया जा सकता है |


घटकों को साधारनतया छानकर पृथक किया जा सकता है |


(v)


उदाहरण : चीनी का जलीय विलयन


दुग्ध


गन्दला पानी


12. कोलाइडी विलयन के प्रमुख गुण क्या है ?


उत्तर :- (i) विषमांग मिश्रण- कोलाईडी विलयन विषमांग होता है | इसमे परिक्षेपित कणों को उच्च क्षमता वाले माइक्रोस्कोप की सहायता से देखा जा सकता है | 


(ii) छानना-क्रिया - कोलाईडी के कण छन्ना-पात्र के आर-पार-आ-जा सकते है |


(iii) स्थायित्व - कोलाईडी के कण बहुत स्थायी होते है |कोलाइड को स्थिर छोड़ देने पर उसके कण नीचे नहीं बैठते है | 


(iv) कणों का आकार - कोलाइड के कणों का आकार ( व्यास )10-7 cm और 10-5 cm के बीच होता है | 


(v) ब्राउनी गति - कोलाइडी विलयन के अंतर्गत के कण टेढ़े-मेढ़े मार्ग से होकर अनवरत गमन करते है | इसे ब्राऊनि गति कहा जाता है | कोलाइड के कणों का विलायक के कणों के साथ टक्कर होते होते रहने से ब्राऊनी गति उत्पन्न होती है |

13. विलयन के सांद्रण से आप क्या समझते है ? विलयन का सांद्रण व्यक्त करने की एक विधि का वर्णन करें |

उत्तर :- विलयन के इकाई परिमाण ( आयतन या द्रव्यमान ) में घुले हुए घुल्य की मात्रा को विलयन का सांद्रण या सामर्थ्य कहते है | किसी विलयन का सांद्रण या सामर्थ्य इस बात पर निर्भर करता है की उस विलयन में कितना घुल्य घुला है | 

विचलन का सांद्रण व्यक्त करने की एक विधि ये है - 

प्रतिशत द्रव्यमान के रूप में - यदि x ग्राम द्रव में y ग्राम पदार्थ विलीन हो तो सांद्रण = 100y/x%


14. स्याही में उपस्थित रंगों को कैसे पृथक किया जाता है ?

उत्तर :- क्रोमोप्लास्ट तकनीक की सहायता से अस्याही के अवयव पृथक किए जा सकते है | 

विधि - छन्ना-पत्र की एक पतली पट्टी लेते है | इस पट्टी के आधार पर लभग 2 cm ऊपर नीली स्याही की एक बूंद रख लेते है | अब पट्टी के निचले भाग को काँच के एक बर्तन में रखे जल में डुबो देते है | 

बर्तन के अन्दर छानना-पत्र लटकता रहता है, जैसा की चित्र में दिखाया गया है | कुछ समय के पश्चात आप पायेंगे की -

(i) छन्ना-पत्र के ऊपर विभिन्न रंग वाले निशाल ऊपर उठाते है | 

(ii) विलायक में अधिक घुलनेवाला अवयव तीव्रता से ऊपर चढ़ता है, जबकि कम घुलनेवाला अवयव उसके पीछे-पीछे चलता है |

रंग के जो घटक जल में अधिक घुलनशील होते है, वे तेजी से निकलते है और इस प्रकार रंग पृथक हो जाता है |

 


15. जल का स्रवन दिखाने के लिए एक सरल प्रयोग का वर्णन करें | 

उत्तर :- स्रवन विधि में किसी द्रव ( जल ) को उबाल देते है और वाष्प को ठंडा करके पुनह द्रव (जल) प्राप्त कर लेते है | 


सरल प्रयोग - स्रवन की क्रिया एक गोल पेंदी वाले फ्लास्क में कराई जाती है | इसे स्रवन फ्लास्क कहते है | इस फ्लास्क की गरदन में एक पार्श्व नली रहती है जो एक संघनक से जुडी रहती है, इसे लिबिग संघनक कहते है | इसी संघनक में द्रव (जल) का वास्प ठंडक पाकर द्रवीभूत होकर एक ग्राहक में एकत्र होता है | उपकरणों की सजावट को चित्र में दिखाया गया है | 

द्रव (जल) को स्रवन फ्लास्क में लेकर धीरे-धीरे गर्म करके उबालते है | वाष्प संघनक में ठंडक होकर द्रव (जल) के रूप में परिणत हो जाता है जिसे ग्राहक में एकत्र कर लिया जाता है |



 


 


3.परिवहन प्रश्न उत्तर

  वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1. सही उत्तर का संकेताक्षर (क , ख , ग या घ) लिखें। 1. एककोशिकीय शैवालों में जल का परिवहन होता है (क) परासरण द्वारा...