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Bihar Board 10th Sanskrit .1. मङ्गलम,

 प्रथमः पाठः मङ्गलम

[ उपनिषदः वैदिकवाड्मयस्य अन्तिमे भागे दर्शनशास्त्रस्य सिद्धान्तान् प्रकटयन्ति।  सर्वत्र परमपुरुषस्य परमात्पनः महिमा प्रधान गीयते।   तेन परमात्मना जगत् व्याप्तमनुशासितं चास्ति।  स  एवं सर्वेषां तपसां  परं लक्ष्यं।   अस्मिन  पाठे परमात्मपरा  उपनिषदां  पद्यात्मकाः पञ्च मन्त्राः संकलिताः सन्तिा]


हिरण्मयेन पात्रेण सत्यस्यापिहित मुखम् ।

तस्त्वं पूषन्नपावृणु सत्यधर्माय दृष्टये ॥               (ईशावास्य०)


अणोरणीयान् महतो महीयान्

            आत्मास्य जन्तोर्निहितो गुहायाम्

तमक्रतुः पश्यति वीतशोको

            धातुप्रसादान्महिमानमात्मनः ॥                                    (ईशावास्य० 15 )

सत्यमेव जयते नानृतं ,

        सत्येन पन्था विततो देवयानः |

 येनाक्रमन्त्युषयो ह्याप्तकामा

    यत्र तत् सत्यस्य परं निधानम् ॥                                            (मुण्डक 5.1.6)


यथा नद्यः स्यन्दमानः  समुद्रेस्ति 

  गच्छन्ति नामरूपे विहाय। 

तथा विद्वानं  नमरूपाद  या विमुक्तः

    परात्परं  पुरुषमुपैति दिव्यम् ॥                                             (मुण्डक० 3.2.8)

वेदाहमेतं  पुरुषं महान्तम्

            आदित्यवर्ण तमसः परस्तात् । 

तमेव विदित्वाति मृत्युमेति

        नान्यः पन्था विद्यतेऽयनाय ॥

एकपदेन उत्तर वदत

(क) हिरण्मयेन पात्रेण कस्य मुखम् अपिहितम् ? सत्यं

(ख) सत्यधर्माय प्राप्तये किम् अपावृणु ? नानृम्

(ग) ब्रह्मणः मुखं फॅन आच्छादितमस्ति ? हिरण्मयेन पात्रेण

(घ) महतो महीयान् कः ?     आत्मा

(ङ) अणोः अणीयान् कः ?    आत्मा

(च) पृथिव्यादै महत्परिमाणयुक्तात् पदार्थात् महत्तरः कः ? अणोः

(छ) कीदृशः पुरुषः निजेन्द्रियप्रसादात् आत्मनः महिमानं पश्यति शोकरहितश्च भवति/?ऋषयः

(ज) कि जयं प्राप्नोति ?  सत्यम

(झ) किं जयं न प्राप्नोति ? नानृतं

(ञ) काः नाम रूपञ्च विहाय समुद्र अस्तं गच्छन्ति ?'नद्यः

एकपदेन उत्तरं लिखत

(क) सत्यस्य मुखं केन पात्रेण अपिहितम् अस्ति ? हिरण्मयेन पात्रेण

(ख) पूषा कस्मै सत्यस्य मुखम् अपावृणुयात् ?     सत्यधर्माय

(ग) कः महतो महीयान् अस्ति ?                            अणोः


(घ) कि जयते ? सत्यम

(ङ) देवयानः पन्थाः केन विततः अस्ति ?सत्यम

 (च) नद्यः के विहाय समुद्रं अस्तं गच्छन्ति ? नामरुपे

 (छ) साधकः पुरुष विदित्वा कम् अत्येति ? मृत्युम् । 

अधोलिखितम् उदाहरणम् अनुसृत्य प्रदत्तप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लि

प्रश्न : सत्यस्य मुखं केन अपिहितम् अस्ति ?

उत्तरं : सत्यस्य मुखं हिरण्मयेन पात्रेण अपिहितम् अस्ति।

(क) कस्य गुहायाम् अणोः अणीयान् आत्मा निहितः अस्ति ?

जीवस्य गुहायाम् अणोः अणीयान् आत्मा निहितः अस्ति। 

(ख) विद्वान् कस्मात् विमुक्तो भूत्वा परात्परं पुरुषम् उपैति?
विद्वान् नामरूपाद च  विमुक्तो भूत्वा परात्परं पुरुषम् उपैति।

(ग) आप्तकामा ऋषयः केन पथा सत्यं प्राप्नुवन्ति ? 

आप्तकामा ऋषयःसत्येन  पथा सत्यं प्राप्नुवन्ति  . 

(घ) विद्वान् कोदृशं पुरुषं वेत्ति ?     विद्वान्  आदित्य वर्णम् पुरुषं वेत्ति       .     



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